अमेठी तहसील दिवस पर महिला ने “साहब हम जिंदा हैं” पोस्टर लेकर न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि जमीन हड़पने के लिए उसके कागजों में मृत दिखाकर फर्जी वारिस दाखिल किया गया।
अमेठी। तहसील दिवस के अवसर पर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया जब एक महिला अपने हाथ में “साहब हम जिंदा हैं” लिखा पोस्टर लेकर तहसील परिसर पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि उसे न्यायालय के अभिलेखों में मृत दिखाकर उसकी पैतृक भूमि हड़पने की साजिश रची जा रही है।
थाना गौरीगंज क्षेत्र के ग्राम बन्ना टीकर निवासी रामलली सिंह पत्नी स्वर्गीय अवध नारायण सिंह ने बताया कि उनके मायके तहसील अमेठी के ग्राम घोरहा में स्थित बाग की भूमि में उनका वैधानिक हिस्सा है। इसी भूमि को लेकर गांव के ही कपिलदेव द्वारा एसडीएम (न्यायिक) न्यायालय में धारा 116 के अंतर्गत बंटवारे का वाद दाखिल किया गया, जिसमें उन्हें छलपूर्वक मृत दर्शा दिया गया।
पीड़िता का आरोप है कि उनके वास्तविक वारिस पुत्र अरविंद सिंह और धर्मेंद्र सिंह को जानबूझकर वारिस नहीं दिखाया गया। इसके साथ ही गांव के एक अन्य व्यक्ति को फर्जी रूप से उनका वारिस दर्शाकर न्यायालय में झूठा शपथ पत्र दाखिल किया गया। साथ ही उनकी मृत बहन पार्वती, जिनकी कोई संतान नहीं थी, के भी फर्जी वारिस दिखाकर जमीन हड़पने का प्रयास किया गया।
महिला ने तहसील परिसर में पोस्टर लगाकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और कहा,
“साहब, हम जिंदा हैं, इसके बावजूद हमें कागजों में मरा हुआ दिखाकर हमारी जमीन हड़पने की साजिश की जा रही है।”

अमेठी से न्यूज़ टाइम नेशन के लिए मोहम्मद तौफीक की रिपोर्ट!