मेरठ संवाददाता :- शाहिदीन मलिक
मेरठ में इंचौली थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए यूरिया से नकली शराब तैयार करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नकली शराब, यूरिया, ब्रांडेड बोतलों के रैपर और खाली बोतलें जब्त की हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह शराब आने वाले चुनाव में खपाने की तैयारी थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुँचने में जुटी है।
मेरठ पुलिस ने हाल ही में जिले में फैल रहे नकली शराब के कारोबार पर एक बड़ी कार्यवाई करते हुए इंचौली थाना क्षेत्र में संचालित एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री यूरिया और अन्य खतरनाक रसायनों की मदद से नकली शराब तैयार करती थी, जिसे बाजार में महंगे ब्रांड के नाम पर बेचा जाता था। यह कार्रवाई क्षेत्र में अमानक शराब से होने वाली मौतों और अपराधों पर अंकुश लगाने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
कैसे हुआ खुलासा?
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि लावड़ कस्बे के पास स्थित समसपुर रोड पर पुराने कपड़ों के गोदाम में संदिग्ध गतिविधियाँ चल रही हैं। सूचना की पुष्टि होते ही इंचौली थाना पुलिस ने छापेमारी की योजना बनाई और बुधवार को गोदाम पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें शामिल हैं—
- यश उर्फ कलवा (शास्त्रीनगर निवासी)
- अंकित (किठौर)
- यासीन (लावड़)
- अनस (लावड़)
- तरुण उर्फ मामा (काजीपुर)
- दिनेश कुमार (भोजपुर, गाजियाबाद)
ये सभी लोग काफी समय से इस धंधे में सक्रिय थे और नकली शराब को विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करते थे।

क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में ऐसा सामान बरामद किया जो बड़े स्तर पर नकली शराब बनाने और सप्लाई करने के नेटवर्क की ओर संकेत करता है। बरामदगी में शामिल हैं—
- दो नीले ड्रम में तैयार नकली शराब
- यूरिया खाद की बोरी
- ब्रांडेड “Royal Stag” की बोतलें
- बड़ी मात्रा में रैपर और क्यूआर कोड
- खाली शराब की बोतलों का स्टॉक
- सप्लाई में उपयोग होने वाली स्विफ्ट कार
इन सामग्रियों से साफ है कि आरोपी बड़े पैमाने पर फर्जी शराब तैयार कर रहे थे और उसे ब्रांडेड शराब के रूप में बेचने की तैयारी में थे।

यूरिया से शराब बनाने का जोखिम
यूरिया एक रासायनिक खाद है, जिसका उपयोग कृषि में होता है। इससे शराब तैयार करना बेहद खतरनाक है और यह मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। ऐसे मिश्रण से बनी शराब पीने से—
- किडनी फेलियर
- लीवर डैमेज
- फूड प्वाइजनिंग
- यहां तक कि मौत तक हो सकती है
इसलिए ऐसी नकली शराब का प्रसार किसी भी समाज के लिए गंभीर खतरा है।

चुनाव में खपाने की थी तैयारी
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उनके द्वारा तैयार की जा रही शराब आने वाले चुनाव में बड़े पैमाने पर खपाई जानी थी। चुनावों के दौरान अवैध शराब की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाने के लिए गैंग सक्रिय रहता है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह शराब किस स्तर पर और किन लोगों को सप्लाई की जानी थी। एसपी देहात ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।
- मैन्यूफैक्चरिंग
- पैकिंग
- लेबलिंग
- सप्लाई

सबकुछ योजनाबद्ध तरीके से किया जाता था। पुलिस अब इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है और जल्द बड़े खुलासे की संभावना जताई गई है। यह मामला एक बार फिर से प्रशासन और जनता दोनों को सतर्क करता है कि नकली शराब के कारोबार पर कड़ी नजर रखना अत्यंत जरूरी है।