23 जून 2026

अमेठी में शिक्षा की मिसाल: समाजसेवी ने 51 बच्चों को बांटी साइकिल, सरकारी स्कूल को बनाएंगे हाईटेक

लेखक न्यूज़ डेस्क · 23 जून 2026, 15:26

अमेठी में शिक्षा की मिसाल: समाजसेवी ने 51 बच्चों को बांटी साइकिल, सरकारी स्कूल को बनाएंगे हाईटेक

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली है। तिलोई तहसील के रजनपुर गांव में समाजसेवी रोहित सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 51 विद्यार्थियों को साइकिल वितरित की। इस पहल का उद्देश्य न केवल बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, बल्कि उन्हें स्कूल तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को भी कम करना है।

साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई विद्यार्थियों ने बताया कि अब उन्हें स्कूल आने-जाने में कम समय लगेगा और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा। वहीं अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों की शिक्षा के प्रति रुचि और बढ़ेगी।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि समाजसेवी रोहित सिंह ने प्राथमिक विद्यालय रजनपुर को गोद लेने की घोषणा की। उन्होंने विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक स्कूल बनाने का संकल्प लिया है। इसके तहत विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा, इंटरनेट सुविधा, आधुनिक शिक्षण सामग्री, बच्चों के लिए नई ड्रेस, खेलकूद के उपकरण और झूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

रोहित सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वही अवसर और संसाधन मिलने चाहिए जो शहरों के महंगे निजी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यालय को आधुनिक स्वरूप देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में विकसित की जा रही सभी सुविधाएं आगामी 1 जुलाई 2026 से विद्यार्थियों को समर्पित कर दी जाएंगी। इससे बच्चों को तकनीकी और आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी तथा सरकारी विद्यालयों की छवि भी बेहतर होगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल को ग्रामीण शिक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। उनका कहना था कि यदि समाज के अन्य सक्षम लोग भी इसी तरह आगे आएं तो सरकारी विद्यालयों की स्थिति में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस प्रकार की सामाजिक पहलें न केवल बच्चों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराती हैं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम भी करती हैं। अमेठी के रजनपुर गांव में शुरू हुई यह पहल अब अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

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