03 जून 2026

अमेठी में बिजली कटौती के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, न्याय यात्रा निकाल पावर हाउस पर सौंपा ज्ञापन

लेखक न्यूज़ डेस्क · 3 जून 2026, 16:01

अमेठी में बिजली कटौती के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, न्याय यात्रा निकाल पावर हाउस पर सौंपा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में बिजली संकट को लेकर किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। लगातार हो रही बिजली कटौती और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज किसानों ने भारतीय किसान क्रांति यूनियन के बैनर तले न्याय पदयात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने पावर हाउस पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।

मामला शुकुल बाजार थाना क्षेत्र का है, जहां पिछले कई दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी और धान की खेती के इस महत्वपूर्ण समय में बिजली की कमी उनके लिए गंभीर संकट बन गई है। खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।

भारतीय किसान क्रांति यूनियन द्वारा निकाली गई गरीब न्याय पदयात्रा कुटी ब्रह्मचारी, महोना पूरब गांव से शुरू हुई। पदयात्रा बबूरी और महोना पश्चिम गांव से गुजरते हुए स्थानीय पावर हाउस पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता शामिल रहे। किसानों ने नारेबाजी करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में निर्धारित समय के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है। कई गांवों में घंटों तक बिजली गायब रहती है, जिससे न केवल सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं बल्कि आम जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों को पीने के पानी, घरेलू कार्यों और पशुपालन तक में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि लाइन खराब होने या फाल्ट आने पर उसे ठीक करने के नाम पर किसानों और ग्रामीणों से मनमाने तरीके से पैसे मांगे जाते हैं। यदि कोई भुगतान नहीं करता तो उसकी समस्या का समाधान समय पर नहीं किया जाता। किसानों ने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई।

भारतीय किसान क्रांति यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान पहले ही बढ़ती लागत, महंगे डीजल और मौसम की मार से परेशान हैं। ऐसे में बिजली संकट उनकी मुश्किलों को और बढ़ा रहा है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगा।

पावर हाउस पहुंचने के बाद किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा, जिसमें नियमित बिजली आपूर्ति, फाल्ट की त्वरित मरम्मत और कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

फिलहाल किसान विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होता है, तो अमेठी में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। किसानों का कहना है कि खेती और ग्रामीण जीवन के लिए बिजली एक बुनियादी आवश्यकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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