देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन कई जगहों पर इन योजनाओं का उद्देश्य रखरखाव की कमी के कारण अधूरा नजर आता है। अमेठी जिले के भादर ब्लॉक अंतर्गत रायपुर ग्राम सभा से सामने आई तस्वीरें इसी हकीकत को बयां करती हैं, जहां सामुदायिक शौचालय और स्नानागार की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार रायपुर ग्राम सभा में बने सामुदायिक शौचालय परिसर में लंबे समय से नियमित सफाई नहीं हो रही है। परिसर के भीतर और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह कूड़ा और गंदा पानी जमा होने से दुर्गंध फैलती रहती है, जिससे लोगों को शौचालय का उपयोग करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता के नाम पर बनाई गई यह सुविधा अब खुद उपेक्षा का शिकार हो चुकी है।
शौचालय और स्नानागार में लगी कई टोटियां भी टूट चुकी हैं। पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है, क्योंकि उन्हें आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
इस मामले में शौचालय की देखरेख से जुड़े पक्ष ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। केयरटेकर की बहन नशरून का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा सफाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती। उनके मुताबिक झाड़ू, फिनाइल और अन्य सफाई संसाधनों के अभाव में नियमित साफ-सफाई संभव नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि यदि समय पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए तो शौचालय की स्थिति में काफी सुधार किया जा सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार लगातार स्वच्छता अभियान चला रही है और लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। उनका आरोप है कि निर्माण के बाद रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे सार्वजनिक सुविधाएं धीरे-धीरे बदहाल हो जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सामुदायिक शौचालयों की नियमित निगरानी, सफाई सामग्री की उपलब्धता और आवश्यक मरम्मत कार्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे न केवल ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को भी वास्तविक रूप से पूरा किया जा सकेगा।
फिलहाल रायपुर ग्राम सभा का यह सामुदायिक शौचालय सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए कितनी गंभीरता से कदम उठाते हैं।