त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले अमेठी जिले में मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
सबसे चर्चित मामला गौरीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत मेदन मवई से जुड़ा है, जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं होने का दावा किया गया है। ग्राम पंचायत मेदन मवई के प्रधान प्रतिनिधि तीरथराज मिश्र ने आरोप लगाया है कि स्मृति ईरानी का नाम जोड़ने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज समय रहते बीएलओ को उपलब्ध करा दिए गए थे, इसके बावजूद अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
वहीं दूसरी ओर, मतदाता सूची की शुद्धता पर और भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जिले के कई क्षेत्रों से शिकायतें मिली हैं कि सूची में ऐसे लोगों के नाम अभी भी दर्ज हैं जिनका निधन काफी पहले हो चुका है। इससे न केवल मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि यह भी आशंका जताई जा रही है कि इससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा शाहगढ़ क्षेत्र की पनियार ग्राम पंचायत से भी बड़ी अनियमितता सामने आई है। यहां स्थानीय लोगों का आरोप है कि 870 से अधिक पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन त्रुटियों को ठीक नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग अपने मतदान के अधिकार से वंचित रह जाएंगे।
इन सभी मामलों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि मतदाता सूची की तुरंत जांच कर सुधार किया जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से न छूटे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न रहे।
चुनावी विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव होती है। यदि इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में इन आरोपों की गंभीरता से जांच आवश्यक है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। देखना होगा कि जांच के बाद क्या सच सामने आता है और मतदाता सूची में सुधार कब तक किया जाता है।
अमेठी से न्यूज़ टाइम नेशन के लिए मोहम्मद तौफीक की रिपोर्ट।