26 जून 2026

कर्णप्रयाग विवाद की आंच देहरादून तक: निहंगों के प्रवेश पर हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

लेखक न्यूज़ डेस्क · 26 जून 2026, 16:08

कर्णप्रयाग विवाद की आंच देहरादून तक: निहंगों के प्रवेश पर हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में हुए विवाद की आंच अब राजधानी देहरादून तक पहुंच गई है। हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से निकले निहंगों के जत्थे के उत्तराखंड में प्रवेश करने के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राजधानी के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है।

जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब से निकला निहंगों का जत्था पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर उत्तराखंड सीमा में प्रवेश कर गया। इसके बाद देहरादून जिला प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। प्रेमनगर, शिमला बाईपास, आईएसबीटी और अन्य संवेदनशील स्थानों पर वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा जांच के चलते कई स्थानों पर लंबा जाम भी देखने को मिला, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल देर रात तक स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने सभी थाना प्रभारियों और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

प्रशासन के अनुसार, पांवटा साहिब गुरुद्वारे में अधिकारियों और निहंग प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। निहंगों का कहना है कि कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार किए गए चार साथियों की रिहाई तक वे पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बिगाड़ना नहीं, बल्कि हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाना है।

गौरतलब है कि 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में पार्किंग विवाद को लेकर कुछ निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने चार निहंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। इसी गिरफ्तारी के विरोध में अब निहंगों का जत्था उत्तराखंड पहुंचा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

देहरादून पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और सभी प्रमुख मार्गों पर चेकिंग अभियान जारी है।

प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति कानून हाथ में लेने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।

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