26 मई 2026

भीषण गर्मी में जालौन के गांव में लगी भीषण आग, 25 घर जलकर राख

लेखक न्यूज़ डेस्क · 26 मई 2026, 13:39

भीषण गर्मी में जालौन के गांव में लगी भीषण आग, 25 घर जलकर राख

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में भीषण गर्मी के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को दहला दिया। डकोर कोतवाली क्षेत्र के कुसमिलिया गांव में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते करीब 25 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। कई परिवारों की वर्षों की मेहनत और गृहस्थी कुछ ही देर में जलकर राख हो गई। इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक गांव में पड़े कूड़े के ढेर से अचानक आग की चिंगारी उठी, जिसने तेज गर्मी और हवाओं के कारण विकराल रूप ले लिया। आग तेजी से फैलती हुई आसपास बने कच्चे और पक्के मकानों तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि लोग सिर्फ अपनी जान बचाने और घरों से जरूरी सामान निकालने में जुट गए।

घटना के दौरान गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। महिलाएं और बच्चे डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। कई परिवारों का अनाज, कपड़े, फर्नीचर और घरेलू सामान पूरी तरह जल गया। ग्रामीणों का कहना है कि आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही मिनटों में कई घर धू-धू कर जलने लगे।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया। अगर समय रहते दमकल विभाग मौके पर नहीं पहुंचता तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।

हादसे के दौरान धुएं के कारण एक महिला बेहोश हो गई, जिसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ज्योति सिंह, राजस्व विभाग, पुलिस और फायर विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवारों को राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारियों ने बताया कि जिन परिवारों के घर और सामान जले हैं, उन्हें सरकारी सहायता दी जाएगी।

ग्रामीणों में इस हादसे को लेकर काफी भय और मायूसी का माहौल है। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में गांवों में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए और फायर सेफ्टी के इंतजाम बेहतर किए जाएं।

फिलहाल कुसमिलिया गांव में लोग अपने नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि छोटी सी चिंगारी भी पूरे गांव की खुशियों को राख में बदल सकती है।

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