उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में धर्म परिवर्तन की आशंका को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों से भरी एक बस को विश्व हिन्दू परिषद (VHP) कार्यकर्ताओं ने रोक लिया। मामला कुठौंद थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव का है, जहां बस में महिलाओं समेत दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों को लखनऊ ले जाए जाने की सूचना पर बवाल खड़ा हो गया। घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक विश्व हिन्दू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष पंकज शुक्ला और कार्यकर्ता आकाश को सूचना मिली थी कि गांव-गांव से गरीब परिवारों को इकट्ठा कर बस के जरिए कहीं ले जाया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की तैयारी की जा रही थी। इसी आशंका के आधार पर VHP कार्यकर्ताओं ने बस को रोक लिया और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। एसडीएम रिंकू सिंह राही, क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई और कुठौंद थाना पुलिस ने बस में सवार लोगों से पूछताछ शुरू की। पुलिस ने महिलाओं समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
बस में मौजूद लोगों का कहना है कि वे केवल लखनऊ जा रहे थे और धर्म परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं थी। हालांकि VHP कार्यकर्ताओं का दावा है कि पूरे मामले के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। कार्यकर्ताओं ने सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ऊध गांव से किसी नेटवर्क के संचालित होने की भी आशंका जताई है।
मामले के सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों के बीच डर और जिज्ञासा का माहौल है। कुछ लोग इसे धर्म परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बस यात्रा का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या वास्तव में किसी प्रकार का लालच देकर लोगों को ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर धर्म परिवर्तन और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय कथित नेटवर्क को लेकर बहस छेड़ दी है। पिछले कुछ समय में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोप सामने आते रहे हैं, जिसके चलते ऐसे मामलों को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
फिलहाल कुठौंद थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर पकड़े गए लोगों और उनके परिवारों की नजर अब पुलिस जांच पर टिकी हुई है।