27 मई 2026

झांसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 35 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 7 सदस्य गिरफ्तार

लेखक न्यूज़ डेस्क · 27 मई 2026, 14:48

झांसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 35 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 7 सदस्य गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रेमनगर थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और विदेशी करेंसी एक्सचेंज के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह महज 25 दिनों के भीतर करीब 35 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन कर चुका था। मामले के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में की गई। प्रेमनगर थाना प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडे और उपनिरीक्षक रविकांत की टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर सात साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान स्कूलपुरा निवासी रागीब अहमद, मिशन कंपाउंड निवासी सनी अमराया, पुलिया नंबर नौ निवासी सोहिल खान, महावीरन नगर निवासी अनुभव सिंह, ईसाई टोला निवासी दानिश खान उर्फ नूर, सौरभ विश्वकर्मा और देवेश कुमार गौतम के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, 114 बैंक खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी ध्रुव नामक व्यक्ति के संपर्क में था, जो चाइनीज वेबसाइट और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करता था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह ऑनलाइन गेम, रिचार्ज और डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था और बाद में विदेशी डिजिटल करेंसी यूएसडीटी (USDT) को भारतीय मुद्रा में बदलकर लेनदेन किया जाता था।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बड़ी संख्या में बैंक खाते किराये पर लेकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसों को इधर-उधर करने में करते थे। पुलिस ने अब तक 4 करोड़ 35 लाख 64 हजार रुपये की रकम फ्रीज कराई है। इसके अलावा 37 लाख 20 हजार रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की डिटेल भी सामने आई है।

पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के फरार सदस्यों ध्रुव, हर्ष और सलाम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

इस कार्रवाई को झांसी पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच यह खुलासा बताता है कि ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल करेंसी के जरिए ठगी के नए तरीके तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान ऑनलाइन लिंक, गेमिंग ऐप या डिजिटल निवेश योजना पर बिना जांच भरोसा न करें।

फिलहाल प्रेमनगर थाना पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।

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