27 मई 2026

मेरठ में AIMIM पार्षद हाजी अफजाल पर युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, मां ने SSP से लगाई गुहार

लेखक न्यूज़ डेस्क · 27 मई 2026, 14:44

मेरठ में AIMIM पार्षद हाजी अफजाल पर युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, मां ने SSP से लगाई गुहार

मेरठ जिले के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच भी चर्चा तेज कर दी है। AIMIM पार्षद हाजी अफजाल पर एक युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसे गलत गतिविधियों में धकेलने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित युवती की मां ने मेरठ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर बेटी को सकुशल वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के मुताबिक पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी का पहले तलाक कराया गया और इसके बाद AIMIM पार्षद हाजी अफजाल उसे अपने साथ ले गया। महिला का कहना है कि अब उसकी बेटी को दबाव और प्रभाव में रखकर गलत काम करवाए जा रहे हैं। पीड़िता की मां ने दावा किया कि उसकी बेटी को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा गया है और परिवार से दूर कर दिया गया है।

इस मामले ने तब और ज्यादा तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा। वीडियो में एक युवती होटल के कमरे में नोटों की गड्डियों के बीच बैठी दिखाई दे रही है। हालांकि अभी तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पीड़िता की मां का आरोप है कि उसने कई बार ब्रह्मपुरी थाना पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। महिला का कहना है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसके कारण उसे मजबूर होकर एसएसपी कार्यालय पहुंचना पड़ा। उसने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

महिला ने मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही बेटी को सुरक्षित वापस दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

मामले के सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और वायरल वीडियो की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक प्रभाव और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला माना जाएगा। वहीं दूसरी ओर जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना भी जल्दबाजी होगी।

फिलहाल मेरठ पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सच सामने आता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

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