मेरठ में राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल हत्याकांड अब एक नए विवाद में घिर गया है। जिस शव को पुलिस ने अनुष्का का बताकर हत्या का खुलासा किया था, उसी शव की पहचान को लेकर अब परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का दावा है कि बरामद शव उनकी बेटी का नहीं है, जबकि पुलिस अपने दावे पर कायम है। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
17 वर्षीय अनुष्का पाल राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी थी और उसकी गुमशुदगी के बाद से परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था। पुलिस जांच के दौरान एक आरोपी को हिरासत में लिया गया, जिसने पूछताछ में हत्या करने की बात स्वीकार करने का दावा किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी श्याम धानक ने रुपये के लेन-देन को लेकर अनुष्का को बुलाया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर एक नाले में फेंक दिया गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर नाले से एक शव बरामद किया और दावा किया कि वह शव अनुष्का पाल का है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने हत्या की पूरी कहानी बताई है और घटनास्थल से मिले साक्ष्य भी उसकी संलिप्तता की पुष्टि करते हैं। पुलिस ने इसे हत्या के मामले का बड़ा खुलासा बताया।
हालांकि मामला उस समय नया मोड़ ले गया जब पोस्टमार्टम हाउस में शव देखने पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान करने से इनकार कर दिया। मृतका की मां ललिता पाल ने कहा कि शव में कई ऐसी बातें हैं जो उनकी बेटी से मेल नहीं खातीं। उनका कहना है कि अनुष्का के बाल छोटे थे, जबकि बरामद शव में लंबे बाल दिखाई दिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी आमतौर पर जींस नहीं पहनती थी और उसकी आंख के पास एक विशेष निशान था, जो शव में नहीं मिला।
मृतका के पिता नेमपाल ने भी पुलिस के दावे पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वैज्ञानिक तरीके से पहचान की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक शव को अनुष्का का मान लेना उचित नहीं होगा। परिवार ने डीएनए परीक्षण कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
इस बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के सदस्य एसएसपी कार्यालय पहुंचे और मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि शव वास्तव में अनुष्का का नहीं है तो उसकी तलाश जारी रखी जानी चाहिए और पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि डीएनए रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
फिलहाल यह मामला हत्या की जांच से आगे बढ़कर शव की पहचान और जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता का विषय बन गया है। पूरे मेरठ में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और सभी की निगाहें अब डीएनए जांच और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।