22 अप्रैल 2026

नीले ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल से कोर्ट में सख्त सवाल, सुनवाई ने पकड़ी रफ्तार

लेखक न्यूज़ डेस्क · 22 अप्रै. 2026, 13:09

नीले ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल से कोर्ट में सख्त सवाल, सुनवाई ने पकड़ी रफ्तार

मेरठ के चर्चित “नीले ड्रम हत्याकांड” में मंगलवार को उस समय एक अहम मोड़ देखने को मिला, जब मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके कथित प्रेमी साहिल को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। यह मामला, जो सौरभ की हत्या से जुड़ा है, बीते कुछ समय से पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब इसकी सुनवाई ने न्यायिक प्रक्रिया को एक निर्णायक दिशा में आगे बढ़ाया है।

अदालत में पेशी के दौरान सबसे पहले आरोपी साहिल को लाया गया। वह सफेद टी-शर्ट और कैप पहने हुए था और मीडिया व वहां मौजूद लोगों की नजरों से बचने की कोशिश करता दिखाई दिया। इसके बाद मुख्य आरोपी मुस्कान को कोर्ट में पेश किया गया। मुस्कान के साथ उसकी छह महीने की बच्ची भी थी, जिसने इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया। एक ओर जहां गंभीर आरोपों का सामना कर रही मां थी, वहीं दूसरी ओर उसकी गोद में मासूम बच्ची—यह दृश्य कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों को भावुक कर गया।

इस मामले में अब भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत कार्यवाही शुरू हो चुकी है। इस प्रक्रिया के तहत न्यायाधीश सीधे आरोपियों से सवाल पूछते हैं ताकि उनके पक्ष को समझा जा सके। यह सुनवाई पहले 15 अप्रैल को निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में 18 अप्रैल तक टाल दिया गया था, और अंततः 21 अप्रैल से इसकी शुरुआत हुई।

जानकारी के अनुसार, जज ने साहिल से लगभग 20 मिनट तक गहन पूछताछ की, जबकि मुस्कान से करीब 15 मिनट तक सवाल-जवाब किए गए। दोनों आरोपी कुल मिलाकर लगभग 46 मिनट तक अदालत कक्ष में मौजूद रहे। इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

कोर्ट पहुंचने से पहले मुस्कान और साहिल करीब 15 मिनट तक पुलिस वाहन में साथ बैठे रहे। जैसे ही उन्हें कोर्ट परिसर में लाया गया, वहां मौजूद कुछ वकीलों ने दोनों आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया और उन्हें सुरक्षित कोर्ट रूम तक पहुंचाया।

यह मामला अपनी प्रकृति और परिस्थितियों के कारण शुरू से ही सुर्खियों में बना हुआ है। “नीले ड्रम हत्याकांड” नाम इसलिए पड़ा क्योंकि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ड्रम का इस्तेमाल किया गया था, जिसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया।

अब जब धारा 313 के तहत कार्यवाही शुरू हो चुकी है, तो यह माना जा रहा है कि केस अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। जनता की नजरें अब अदालत के अगले फैसले पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सौरभ को इंसाफ मिलेगा और क्या दोषियों को उनके अपराध की सजा मिल पाएगी? इसका जवाब अब केवल अदालत के निर्णय में ही छिपा है।

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