मेरठ जिले के किठौर थाना क्षेत्र में एक व्यवसायी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में स्वाट टीम और थाना किठौर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने व्यवसायी के घर एक लिफाफा भेजकर उसमें जिंदा कारतूस और धमकी भरी चिट्ठी रखी थी, जिसमें 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई थी।
जानकारी के अनुसार, शाहजहांपुर कस्बे के एक व्यवसायी के घर कुछ दिन पहले एक संदिग्ध लिफाफा पहुंचा था। जब परिवार ने लिफाफा खोला तो उसमें एक जिंदा कारतूस और धमकी भरा पत्र मिला। पत्र में व्यवसायी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। घटना के बाद व्यवसायी और उसके परिवार में भय का माहौल बन गया।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया और जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की पहचान की।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर नालपुर बॉर्डर के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महफूज उर्फ फूजी (52 वर्ष) निवासी हुमायूं नगर थाना लोहियानगर, शाहनवाज राणा (39 वर्ष) निवासी जाकिर कॉलोनी तथा आरिफ (45 वर्ष) निवासी हुमायूं नगर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन, धमकी भरी चिट्ठी और 32 बोर का एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पुलिस का मानना है कि बरामद सामान इस मामले के महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं।
पूछताछ के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपी कथित रूप से आयुष्मान कार्ड धारकों के नाम पर अस्पतालों में फर्जी बिल बनवाने और कमीशनखोरी जैसे कार्यों में भी शामिल रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अभी जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
मेरठ पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ। उन्होंने कहा कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वे किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस खुलासे को मेरठ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल एक गंभीर रंगदारी कांड का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि संभावित रूप से एक बड़े आपराधिक नेटवर्क के तार भी सामने आए हैं।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।