मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित गैंगरेप मामले ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआती आरोपों के बाद अब युवती के बयान और पुलिस जांच में कथित साजिश और वसूली से जुड़े गंभीर पहलू सामने आए हैं, जिससे पूरे मामले की दिशा बदलती दिखाई दे रही है।
शुरुआत में इस मामले को एक गंभीर अपराध के रूप में देखा गया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई नई परतें खुलने लगीं। पुलिस के अनुसार, युवती के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह संकेत मिले हैं कि मामला केवल गैंगरेप तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश और आर्थिक वसूली की योजना भी हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, युवती को नौकरी दिलाने का झांसा देकर जीशान और शाहबेज नाम के व्यक्तियों के संपर्क में लाया गया था। आरोप है कि इसके बाद नकुल गुर्जर नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर कुछ लोगों को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने की योजना बनाई। इसी दौरान यह पूरा घटनाक्रम विवादों और आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब घटना के बाद कुछ लोगों और कथित सामाजिक संगठनों के बीच युवती से मुलाकात हुई। इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई और पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। शुरुआती दौर में मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं और इसे लेकर सामाजिक स्तर पर भी तनाव देखने को मिला।
इसके बाद युवती ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उसने कथित साजिश से जुड़े कई अहम खुलासे किए। इन बयानों के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया और सभी पहलुओं को गंभीरता से खंगालना शुरू कर दिया।
शाहबेज के परिजनों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने नकुल गुर्जर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या वास्तव में यह मामला किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था या फिर इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी मौजूद हैं।
इस पूरे मामले पर सीओ सिविल लाइन सुचिता सिंह ने कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और सभी पक्षों के बयान तथा साक्ष्यों को ध्यान में रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल यह मामला मेरठ में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस हर एंगल से इसकी गहन जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर को स्पष्ट करेंगे।