29 मई 2026

मेरठ के शीला हॉस्पिटल पर ठगी का आरोप, बुजुर्ग को HIV पॉजिटिव बताकर वसूले लाखों रुपए

लेखक न्यूज़ डेस्क · 29 मई 2026, 14:29

मेरठ के शीला हॉस्पिटल पर ठगी का आरोप, बुजुर्ग को HIV पॉजिटिव बताकर वसूले लाखों रुपए

मेरठ जिले के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। बागपत निवासी एक परिवार ने मेरठ के शीला हॉस्पिटल पर आरोप लगाया है कि उनके बुजुर्ग परिजन को HIV पॉजिटिव बताकर इलाज के नाम पर लाखों रुपये की वसूली की गई। मामले की शिकायत अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की गई है।

जानकारी के अनुसार बागपत जिले के रहने वाले एक बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उन्हें मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र स्थित शीला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन ने परिवार को बताया कि मरीज HIV पॉजिटिव है और उसकी हालत बेहद गंभीर है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने HIV रिपोर्ट दिखाकर पूरे परिवार को डर के माहौल में डाल दिया। परिजनों का कहना है कि बीमारी को लेकर इतना भय पैदा कर दिया गया कि वे इलाज के नाम पर लगातार पैसे देते रहे। आरोप है कि इसी दौरान अस्पताल ने उनसे लाखों रुपये वसूल लिए।

मामले का असर सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी परिवार पर पड़ा। परिवार का कहना है कि जैसे ही HIV पॉजिटिव होने की बात आसपास के लोगों और रिश्तेदारों तक पहुंची, लोगों ने उनसे दूरी बनानी शुरू कर दी। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार से मिलने-जुलने से कतराने लगे, जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव में आ गया।

पीड़ित परिवार की बहू ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने अस्पताल से पैसे वापस मांगने या रिपोर्ट पर सवाल उठाने की कोशिश की, तो उन्हें धमकियां दी जाने लगीं। इसके बाद परिवार ने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया से मिलकर शिकायत दर्ज कराई।

परिवार ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल आर्थिक ठगी नहीं बल्कि मरीज और उसके परिवार की मानसिक प्रताड़ना का भी मामला है।

वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया ने कहा है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला सामने आने के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि गंभीर बीमारियों के नाम पर मरीजों और उनके परिवारों में डर पैदा कर मोटी रकम वसूलना बेहद चिंताजनक है।

फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है कि आखिर सच्चाई क्या है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं।

संबंधित खबरें