उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुए चर्चित तुषार त्यागी हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में जो सच सामने आया, उसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। पुलिस जांच में पता चला कि 25 वर्षीय तुषार त्यागी की हत्या किसी दुश्मन या बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके अपने पिता सुंदर त्यागी ने अपने मित्र अमित के साथ मिलकर की थी।
मामला सोमवार रात का है, जब मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर खरखौदा क्षेत्र के एक अंडरपास के नीचे खड़ी स्कॉर्पियो कार में तुषार त्यागी का शव बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी सुंदर त्यागी एक हिस्ट्रीशीटर है और उसका अपने बेटे तुषार के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिवार में आए दिन झगड़े होते थे और संपत्ति को लेकर भी तनाव बना रहता था। जांच में सामने आया कि तुषार पुस्तैनी जमीन बेचना चाहता था, जबकि उसके पिता इसका विरोध कर रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच लगातार टकराव होता था।
पुलिस पूछताछ में सुंदर त्यागी ने बताया कि उसे अपने बेटे पर शक था कि वह किसी के माध्यम से उसकी हत्या कराने की योजना बना रहा है। इसी आशंका और पारिवारिक विवाद ने उसके मन में बेटे के प्रति गहरा अविश्वास पैदा कर दिया। धीरे-धीरे यह तनाव इतना बढ़ गया कि उसने अपने मित्र अमित के साथ मिलकर तुषार को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
जांच एजेंसियों के मुताबिक योजना के तहत तुषार को बुलाया गया और सुनसान स्थान पर ले जाकर गोली मार दी गई। हत्या के बाद शव को स्कॉर्पियो कार में छोड़ दिया गया ताकि मामला किसी और दिशा में भटक जाए। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच ने आरोपियों की पूरी योजना को बेनकाब कर दिया।
एसपी देहात मेरठ अभिजीत कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार, घटनाक्रम और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक विवाद और संपत्ति के झगड़े किस हद तक रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं। जिस पिता ने बेटे को पाला-पोसा, वही उसके जीवन का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया। मेरठ का यह मामला न केवल अपराध की एक गंभीर घटना है, बल्कि टूटते पारिवारिक संबंधों और बढ़ते अविश्वास की भी एक दुखद मिसाल बनकर सामने आया है।