उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र स्थित समर गार्डन में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। छह वर्ष पूर्व विवाह के बंधन में बंधी ज़रीना की मौत के बाद उठे सवालों ने इस मामले को सामान्य घटना से कहीं अधिक गंभीर बना दिया है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ज़रीना की शादी करीब छह वर्ष पहले समर गार्डन निवासी शुऐब से हुई थी। शादी के बाद वह अपने ससुराल में रह रही थी। हाल ही में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें समय रहते घटना की सूचना नहीं दी गई और जल्दबाजी में शव को दफना दिया गया।
मृतका की मां रुकसाना, जो परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव अमरपुर सिंह की रहने वाली हैं, ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष ने पूरी घटना को छिपाने की कोशिश की और बिना परिवार को जानकारी दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
वहीं मृतका के भाई असलम ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी बहन की मौत स्वाभाविक नहीं थी। उन्होंने पति शुऐब, शकील, फिरोज, जावेद तथा ननद आयशा और कौसर की भूमिका की जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते उन्हें सूचना दी जाती तो वे मौत की परिस्थितियों को समझ पाते, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मजिस्ट्रेट की निगरानी में कब्रिस्तान से ज़रीना का शव बाहर निकलवाया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा सके।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है। यदि रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर, यदि मौत किसी अन्य कारण से हुई होगी तो उससे जुड़े तथ्यों का भी खुलासा हो जाएगा।
लिसाड़ी गेट थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, क्योंकि वही तय करेगी कि ज़रीना की मौत एक सामान्य घटना थी या फिर उसके पीछे किसी गहरी साजिश का हाथ था।