उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना पटवाई पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये की नकदी, एक लग्जरी महिंद्रा थार, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में बैंकिंग एवं पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी लोगों को अलग-अलग तरीकों से झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से रकम निकालने और अवैध वित्तीय लेनदेन करने का काम करते थे। गिरोह काफी समय से सक्रिय था और पुलिस इसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण तकनीकी और गोपनीय सूचनाएं मिलीं। इन सूचनाओं के आधार पर थाना पटवाई पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 7 लाख 50 हजार रुपये नकद, महिंद्रा थार, लैपटॉप, स्वाइप मशीन, मोबाइल फोन, मोहरें, बिल बुक, चेक बुक, पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और कई एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से यह आशंका जताई जा रही है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। पुलिस अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि साइबर ठगी की कितनी घटनाओं में इनका इस्तेमाल किया गया और कितने लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
रामपुर के पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीड़ा ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से जुड़े हैं या नहीं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक विवरण, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आधुनिक तकनीक और साइबर विशेषज्ञों की मदद से ऐसे गिरोहों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।