सुलतानपुर के युवा ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम, हल्द्वानी में आयोजित 13वीं ओपन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में अमीना ताइक्वांडो अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक अपने नाम किए। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों का सम्मान करने के लिए सुलतानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम आगे आईं। उन्होंने खिलाड़ियों और उनकी प्रशिक्षिका अमीना बानो को सम्मानित करते हुए मिठाई खिलाई तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर खिलाड़ियों के अभिभावक और अकादमी से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कहा कि खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का सबसे प्रभावी साधन हैं। उन्होंने कहा कि सुलतानपुर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पूरे जनपद को गौरवान्वित किया है। ऐसे खिलाड़ियों की सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती है।
उन्होंने खिलाड़ियों से भविष्य में भी मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि यदि युवा अपनी ऊर्जा को खेलों की दिशा में लगाएं तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल कर सकते हैं।
एसपी चारू निगम ने अमीना ताइक्वांडो अकादमी की प्रशिक्षिका अमीना बानो की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना बेहद प्रशंसनीय कार्य है। खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, समर्पण और बेहतर प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रतियोगिता में मान्यता और प्रज्ज्वल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं प्रियांशु तिवारी, सत्यांश आर. श्रीवास्तव, साक्षी और यथार्थ मौर्या ने कांस्य पदक जीतकर सुलतानपुर का मान बढ़ाया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, अभिभावकों और जिलेवासियों ने खुशी जाहिर की।
सम्मान समारोह के दौरान खिलाड़ियों ने पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। अभिभावकों ने भी कहा कि प्रशासन और समाज से मिलने वाला ऐसा प्रोत्साहन खिलाड़ियों को नई ऊर्जा देता है और जिले में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने का काम करता है।
सुलतानपुर के इन युवा खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यदि मेहनत, सही मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग मिले तो छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय मंच पर सफलता का परचम लहरा सकते हैं।