उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने नई शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। शादी के महज एक महीने बाद 20 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मृतका की पहचान चांदनी (20 वर्ष) पुत्री मनोहर निवासी हृदय नगर, थाना बीघापुर, जिला उन्नाव के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक चांदनी की शादी इसी वर्ष 7 मई 2026 को शहर कोतवाली क्षेत्र के बक्खा खेड़ा निवासी मनोहर पुत्र दिनेश के साथ हुई थी। शादी को अभी एक माह भी पूरा नहीं हुआ था कि मंगलवार रात उसकी मौत की खबर ने दोनों परिवारों को सदमे में डाल दिया।
मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही चांदनी को ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका के मामा दिलीप पुत्र रामसनेही ने शहर कोतवाली पुलिस को सूचना देकर आरोप लगाया कि उनकी भांजी की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उनका कहना है कि शादी के बाद से चांदनी को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली सदर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में जैसे ही मौत की पुष्टि हुई, वहां दोनों पक्षों के परिजन पहुंच गए और माहौल गमगीन हो गया।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मृतका की मां माया, मामा दिलीप और ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि शादी के बाद किसी प्रकार का विवाद, दहेज उत्पीड़न या अन्य कारण तो इस घटना के पीछे नहीं थे।
इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शादी के कुछ ही दिनों बाद नवविवाहिताओं की संदिग्ध मौतों के मामलों पर कैसे प्रभावी रोक लगाई जाए। परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
फिलहाल पूरे मामले की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि उसी से यह तय होगा कि चांदनी की मौत एक हादसा थी या फिर उसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी हुई थी।