उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र से एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक के भाई ने गांव की एक महिला और उसके कथित साथी पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद गांव में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक मृतक युवक की पहचान रजौले के रूप में हुई है। मृतक के भाई विमलेश ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। विमलेश के अनुसार रजौले ने गांव की एक महिला और उसके कथित साथी को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद महिला और उसके साथी ने रजौले को धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। विमलेश का कहना है कि उसका भाई लगातार मानसिक दबाव में था और आरोपियों द्वारा उसे डराया-धमकाया जा रहा था।
आरोप है कि 5 मई 2026 को फोन पर कहासुनी के बाद रजौले को बुलाकर उसके साथ मारपीट की गई। परिवार के मुताबिक मारपीट के दौरान उसकी नाक से खून निकलने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
मृतक के परिवार का आरोप है कि उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन थाना स्तर पर मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का कहना है कि पुलिस ने शुरू में मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते उन्हें न्याय के लिए उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
अब मृतक के भाई विमलेश ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि यदि जांच में हत्या या साजिश की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और सच सामने आना जरूरी है। वहीं मृतक के परिवार में गहरा दुख और आक्रोश है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या किसी राज का गवाह बनना किसी व्यक्ति की जान के लिए खतरा बन सकता है? फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।