उत्तर प्रदेश सरकार ने शराब की पारदर्शिता बढ़ाने और नकली शराब के मामलों पर नियंत्रण के लिए ‘UP Excise Citizen App’ लॉन्च किया है। अब हर शराब की बोतल का पूरा बायोडाटा मोबाइल ऐप पर स्कैन करके देखा जा सकेगा—असली या नकली, सही MRP, डिस्टिलरी, स्ट्रेंथ और खरीदारी की दुकान की जानकारी सीधे आपके फोन पर।
उत्तर प्रदेश में शराब की असली और नकली बोतलों के बीच की पहचान अब पहले से कहीं आसान हो गई है। आबकारी विभाग ने एक नई पहल के तहत ‘UP Excise Citizen App’ लॉन्च किया है, जो हर शराब प्रेमी और नागरिक के लिए एक डिजिटल गाइड का काम करेगा। यह ऐप हर बोतल का पूरा बायोडाटा प्रदान करता है और यह सुनिश्चित करता है कि उपभोक्ता केवल असली शराब ही खरीदें।

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बोतल के बारकोड या यूनिक QR कोड को स्कैन करके सारी जानकारी प्रदर्शित करता है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि बोतल—
- असली है या नकली
- सही MRP पर उपलब्ध है या नहीं
- किस डिस्टिलरी की उत्पाद है
- शराब की स्ट्रेंथ कितनी है
- और किस दुकान से खरीदी गई है
इस डिजिटल ट्रैकिंग से न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि नकली शराब के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया जा सकेगा।
राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल ने इस ऐप को लॉन्च करते हुए कहा कि यह एप नागरिकों के लिए पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा उपाय है। उन्होंने कहा कि अब उपभोक्ता किसी भी शराब की बोतल की प्रमाणिकता अपने मोबाइल से मिनटों में जांच सकते हैं।

कैसे काम करता है ऐप
- सबसे पहले ऐप डाउनलोड करें — यह iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
- बोतल के QR कोड या बारकोड को स्कैन करें।
- तुरंत स्क्रीन पर सारी जानकारी प्रदर्शित हो जाएगी — असली या नकली, डिस्टिलरी, स्ट्रेंथ, MRP और बिक्री की दुकान।
- यदि कोई गड़बड़ी दिखाई देती है, तो आप तुरंत 14405 टोल-फ्री हेल्पलाइन या अपने जिला आबकारी अधिकारी को सूचना दे सकते हैं।
नकली शराब पर रोक लगाने में मदद
उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में नकली शराब की वजह से कई जघन्य मामले सामने आए हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक और कानूनी व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। UP Excise Citizen App इस समस्या का समाधान है। यह एप सरकार और नागरिकों के बीच एक पुल का काम करेगा और पारदर्शिता बढ़ाएगा।

सरकारी पहल और लाभ
- उपभोक्ता सुरक्षित और प्रमाणिक शराब ही खरीदेंगे।
- नकली शराब के कारोबारियों की गतिविधियों पर निगरानी होगी।
- आबकारी विभाग को वास्तविक समय में डेटा उपलब्ध होगा।
- शराब की खरीद-फरोख्त में डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।
- आपातकालीन स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल से शराब की खरीददारी में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा।
भविष्य की योजनाएं
आबकारी विभाग ने इस ऐप को लगातार अपडेट करने की योजना बनाई है। भविष्य में इसमें नए फीचर्स शामिल होंगे, जैसे कि-
- सरकारी नियमों और नवीनतम MRP की जानकारी।
- नकली शराब की रिपोर्टिंग और फॉलो-अप स्टेटस।
- नागरिकों को शिक्षा देने वाले नोटिफिकेशन और चेतावनियां।
यह ऐप न केवल शराब के उपभोक्ताओं के लिए बल्कि पूरे प्रदेश में नकली शराब रोकने और सुरक्षित खरीदारी सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।
UP Excise Citizen App अब उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वास का प्रतीक बन गया है। अब शराब खरीदना सुरक्षित और डिजिटल तरीके से संभव है।