मेरठ संवाददाता :- शाहिदीन मलिक
मेरठ के चर्चित “नीले ड्रम हत्याकांड” में आरोपी मुस्कान ने मेरठ मेडिकल कॉलेज में बेटी को जन्म दिया। हैरानी की बात यह है कि मुस्कान ने नवजात का नाम ‘राधा’ रखा—वह नाम जिसे वह जेल में रहते हुए अपनी धार्मिक गतिविधियों के कारण पहले से ही सोच चुकी थी। जेल में आने के बाद मुस्कान का जीवन पूरी तरह बदल गया था वह रोज सुंदरकांड और गीता का पाठ करती थी। जेल मैनुअल के अनुसार बच्ची अब छह साल तक मां के साथ जेल में रह सकेगी।

मेरठ का चर्चित “नीले ड्रम हत्याकांड” एक बार फिर सुर्खियों में है। पति सौरभ की हत्या कर शव को ड्रम में भरने के मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी मुस्कान ने सोमवार देर शाम मेरठ मेडिकल कॉलेज में एक बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी सामान्य प्रक्रिया से हुई और मां-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
अधीक्षक के अनुसार, मुस्कान ने नवजात बच्ची का नाम “राधा” रखा है। बताया गया कि जेल में रहने के दौरान मुस्कान का स्वभाव काफी बदला। वह धार्मिक प्रवृत्ति की ओर झुक गई और रोजाना सुंदरकांड और श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करती थी।जेल अधिकारियों का कहना है कि कई बार बातचीत के दौरान मुस्कान ने बताया था कि अगर उसे बेटा होगा तो उसका नाम कृष्णा और अगर बेटी होगी तो राधा रखेगी। जन्म के तुरंत बाद उसने उसी निर्णय को लागू किया।
धार्मिक हो चुकी है मुस्कान — जेल अधिकारियों की पुष्टि
जेल अधीक्षक ने बताया कि हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद मुस्कान मानसिक रूप से टूटी हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे उसने खुद को धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त कर लिया।
- वह सुबह-शाम पाठ करती थी
- धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करती थी
- कैदियों से कम बातचीत करती थी
- अपने अपराध और भविष्य को लेकर अक्सर चुप रहती थी
अधीक्षक के अनुसार, मुस्कान ने जेल में रहते हुए खुद को काफी बदला है। वह धार्मिक ग्रंथ पढ़ती है और बच्ची के लिए भी धार्मिक नाम चाहती थी।

6 साल तक मां के साथ रह सकता है नवजात
जेल मैनुअल के अनुसार, किसी भी महिला कैदी के बच्चे को 6 वर्ष तक जेल के अंदर उसकी मां के साथ रखने की अनुमति है।इस अवधि में—
- बच्चे के रहने, खाने, स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ज़िम्मा जेल प्रशासन का होता है
- बच्चे को विशेष भोजन दिया जाता है
- डॉक्टरों की नियमित टीम उसकी जांच करती है
अधीक्षक ने बताया कि मुस्कान और उसकी बच्ची दोनों के लिए जेल में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
जन्म के समय मौजूद रही मेडिकल टीम
मुस्कान की तबीयत रविवार रात अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद पुलिस उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां गाइनिक विभाग की HOD सहित 10 डॉक्टरों और स्टाफ की टीम उसकी निगरानी में जुटी रही। सोमवार शाम करीब 7 बजे मुस्कान ने बच्ची को जन्म दिया।
परिवार नहीं पहुँचा—अस्पताल में रही खाली कुर्सियाँ
घटना की सूचना मुस्कान के परिवार को दे दी गई थी, लेकिन अस्पताल में उससे मिलने कोई भी नहीं आया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, परिजनों को कई बार फोन किया गया, फिर भी वे पहुंचने के लिए तैयार नहीं हुए। जेल पुलिस की टीम मुस्कान की सुरक्षा के लिए अस्पताल में मौजूद रही।

प्रेमी साहिल के साथ मिलकर की थी पति की हत्या
इस पूरे मामले की शुरुआत एक दिल दहला देने वाली हत्या से हुई थी, जिसने पूरे मेरठ और उत्तर प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। जांच के अनुसार—
- मुस्कान का प्रेम प्रसंग साहिल नाम के युवक से चल रहा था
- पति सौरभ को इसका पता चल गया था
- दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की योजना बनाई
- हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में भर दिया गया था
- कई दिनों तक शव उसी में रखा रहा, बाद में इसका खुलासा हुआ

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी भारी चर्चा हुई, और मुस्कान को “नीले ड्रम वाली महिला” के नाम से जाना जाने लगा। जेल प्रशासन और पुलिस दोनों इस बात पर निगरानी रख रहे हैं कि मुस्कान की मेडिकल स्थिति और नवजात की सेहत स्थिर बनी रहे। कानूनी रूप से मुस्कान पर—
- हत्या का मामला
- शव को ठिकाने लगाने का मामला
- षड्यंत्र और साक्ष्य मिटाने के आरोप लगे हुए हैं।
अदालत में केस चलते रहेंगे, और मुस्कान अपनी बच्ची को साथ रखकर ही पेशियों में जाएगी।