मेक्सिको की महान कलाकार फ्रिडा कालो हमेशा से अपनी अनोखी शैली, दर्द, संघर्ष और आत्म-अभिव्यक्ति के लिए जानी जाती रही हैं। लेकिन इस बार उन्होंने कला जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। फ्रिडा कालो की पेंटिंग ‘El Sueño’ (द ड्रीम) ने 20 नवंबर को न्यूयॉर्क में आयोजित नीलामी में 487 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड-breaking कीमत हासिल की। यह राशि किसी भी महिला कलाकार की पेंटिंग के लिए अब तक की सबसे अधिक नीलामी मूल्य है। इस एक कलाकृति ने न सिर्फ कालो की प्रतिभा को फिर से केंद्र में ला दिया है, बल्कि वैश्विक कला बाज़ार में महिला कलाकारों की मूल्यवान उपस्थिति को भी उजागर किया है।
दुनिया भर में फ्रिडा कालो को एक ऐसी कलाकार के रूप में देखा जाता है, जिसने अपने निजी संघर्ष, शारीरिक पीड़ा, टूटे रिश्तों और भावनात्मक उथल-पुथल को अपनी कला में शानदार तरीके से उकेरा। ‘El Sueño’ भी उनकी इन्हीं उत्कृष्ट कलाकृतियों में से एक है, जिसमें उनकी विशिष्ट शैली, प्रतीकवाद और आत्म-अन्वेषण का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। नीलामी में इस पेंटिंग की बिक्री ने वैश्विक कला जगत में फ्रिडा की पुनः स्थायी प्रभावशाली स्थिति को और भी मजबूत किया है।

क्यों इतनी खास है यह पेंटिंग?
‘El Sueño’ में फ्रिडा कालो को बिस्तर पर सोते हुए दर्शाया गया है, जबकि उनके ऊपर एक कंकाल बैठा हुआ दिखाई देता है। यह चित्र उनके लंबे समय से जुड़े दर्द, मृत्यु के प्रति विचारों और जीवन के प्रति संघर्ष का प्रतीक है। फ्रिडा ने अपने जीवन में कई बार मृत्यु को करीब से महसूस किया—चाहे वह बचपन की बीमारी हो, सड़क हादसे का दर्दनाक अनुभव, या व्यक्तिगत रिश्तों के टूटने का कष्ट। यह पेंटिंग उनके मनोविश्व का दर्पण है, जो उनके आंतरिक विचारों और डर को उजागर करती है।
कंकाल मेक्सिकन संस्कृति में मृत्यु के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, और फ्रिडा ने अक्सर इसे अपनी कला में शामिल किया। यह पेंटिंग दर्शाती है कि मृत्यु और जीवन दोनों उनके लिए एक सतत यात्रा थे, और दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं थे।

कला बाजार में बड़ा रिकॉर्ड
20 नवंबर को न्यूयॉर्क में हुई नीलामी में ‘El Sueño’ ने जिस राशि पर नया रिकॉर्ड बनाया, वह कला जगत में एक ऐतिहासिक क्षण है। इससे पहले किसी महिला कलाकार की पेंटिंग इतनी ऊँची कीमत पर नहीं बिकी थी। यह उपलब्धि कला दुनिया में महिलाओं के योगदान को नई पहचान और सम्मान दिलाने वाला कदम माना जा रहा है।
नीलामी विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रिडा की कला में वह ईमानदारी और साहस है, जो दर्शकों को गहराई से जोड़ता है। उनकी पेंटिंग्स में सिर्फ रंग ही नहीं होते, बल्कि वे उनके निजी जीवन की कहानी, उनकी पीड़ा और उनकी अनोखी सोच का संग्रह होती हैं। यही कारण है कि दुनिया भर के कला संग्राहक उनकी कलाकृतियों को बेहद मूल्यवान मानते हैं।

फ्रिडा कालो: दर्द से जन्मी कला
फ्रिडा कालो के जीवन में कई कठिनाइयाँ रहीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका जीवन एक संघर्ष से भरी कहानी है—लेकिन यही संघर्ष उन्हें एक विश्वप्रसिद्ध कलाकार बना गया।
- बचपन में पोलियो की बीमारी
- 18 साल की उम्र में भीषण बस हादसा
- लगातार 30 से अधिक सर्जरी
- पति डिएगो रिवेरा के साथ उथल-पुथल भरा रिश्ता
- सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में सक्रियता
इन सबके बावजूद उन्होंने एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट कलाकृतियाँ बनाईं। उनकी कला में साहस, सच्चाई और वास्तविकता का असाधारण मेल देखने को मिलता है। ‘El Sueño’ उसी भावनात्मक यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस नीलामी ने न सिर्फ फ्रिडा कालो को सम्मान दिलाया है, बल्कि दुनिया भर की महिला कलाकारों को भी प्रेरणा दी है। लंबे समय से कला बाजार में पुरुष कलाकारों का दबदबा रहा है, लेकिन इस ऐतिहासिक नीलामी से महिला कलाकारों की प्रतिभा को नया मंच और नई पहचान मिली है।