मेरठ संवाददाता :- शाहिदीन मलिक
मेरठ में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक रील विवाद का रूप लेने के बाद शादाब जकाती को इंचौली पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वीडियो में डबल मीनिंग शब्दों का इस्तेमाल होने के आरोप लगे, जिससे जनता में नाराजगी फैल गई। लंबे समय तक कोर्ट की सुनवाई के बाद शादाब जकाती को माफीनामा और एफिडेविट देने की शर्त पर जमानत मिल गई।
मेरठ के इंचौली इलाके में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक रील विवाद का केंद्र बन गया। शादाब जकाती ने अपनी बेटी के साथ एक रील बनाई, जिसमें कथित तौर पर डबल मीनिंग शब्दों का प्रयोग किया गया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई। वीडियो में दिखाई गई भाषा और सामग्री को लेकर विभिन्न समूहों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने कार्यवाई की।

इंचौली पुलिस ने शादाब जकाती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट में घंटेभर चली बहस के दौरान शादाब जकाती और उनके वकील ने मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया। उन्होंने यह दावा किया कि वीडियो बनाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था और यदि किसी को आपत्ति हुई है, तो इसके लिए खेद प्रकट किया।

एडवोकेट सैय्यद मोहम्मद ने बताया कि अदालत के समक्ष सभी तथ्यों को रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि शादाब जकाती ने माफीनामा और एफिडेविट देने की शर्त पर जमानत लेने की प्रक्रिया पूरी की। कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर दी और साथ ही यह सुनिश्चित करने की शर्त रखी कि भविष्य में ऐसी कोई गलती नहीं दोहराई जाएगी।

इस घटना ने सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएशन और नैतिकता के बीच संतुलन की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट साझा करते समय संवेदनशील विषयों और भाषा का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि किसी की भावनाओं को ठेस न पहुँचे।

शादाब जकाती ने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएशन में सावधानी बरतने की आवश्यकता है और भविष्य में वे ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे विवाद खड़ा हो।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कंटेंट की व्यापक पहुंच और जनता की प्रतिक्रिया से किसी भी क्रिएटर की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। स्थानीय प्रशासन और अदालत ने इस मामले में संतुलित निर्णय लिया, ताकि कानून और सामाजिक भावनाओं का संतुलन बना रहे।