जर्मनी के पुमुकेल नाम के घोड़े ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाते हुए दुनिया के सबसे छोटे जीवित नर घोड़े का खिताब हासिल कर लिया है। मात्र 21.1 इंच लंबा यह मिनी घोड़ा अपनी क्यूटनेस ही नहीं बल्कि अपनी थेरेपी सेवाओं के कारण भी चर्चा में है।

जर्मनी के छोटे लेकिन बेहद लोकप्रिय घोड़े पुमुकेल ने दुनिया का सबसे छोटा जीवित नर घोड़ा बनकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नया इतिहास रच दिया है। इसकी ऊंचाई सिर्फ 21.1 इंच है, जो इसे दुनिया के अन्य सभी जीवित नर घोड़ों से छोटा बनाती है। उसकी यह अद्भुत कदकाठी उसे एक अनोखा आकर्षण देती है और यही वजह है कि वह आज वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में है।
पुमुकेल की मालकिन कैरोला वीडेमैन ने बताया कि उन्होंने 2020 में पुमुकेल को गोद लिया था, जब वह मात्र पाँच महीने का था। उस समय उसकी ऊंचाई सिर्फ 18 इंच थी। कैरोला ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार पुमुकेल को देखा, तो वह पूरी तरह हैरान रह गईं | इतना छोटा और नाज़ुक घोड़ा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। उनकी बातों के अनुसार, पुमुकेल की मासूमियत और छोटी कदकाठी ने उन्हें उसी क्षण उसका दीवाना बना दिया।

पुमुकेल ने अपने छोटे कद के बावजूद अपनी लोकप्रियता में पिछले रिकॉर्ड धारक को पीछे छोड़ दिया है। वह पिछले रिकॉर्डधारी घोड़े से डेढ़ इंच छोटा है, जो उसे इस खिताब का सबसे योग्य विजेता बनाता है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा आधिकारिक तौर पर उसके माप लिए गए और पुष्टि के बाद उसे दुनिया का सबसे छोटा जीवित नर घोड़ा घोषित किया गया।

पुमुकेल सिर्फ एक रिकॉर्ड होल्डर ही नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित थेरेपी हॉर्स भी है। वह नियमित रूप से नर्सिंग होम, धर्मशालाओं, स्कूलों और दिव्यांग व्यक्तियों की संस्थाओं का दौरा करता है। उसका छोटा आकार और शांत व्यवहार उसे सभी के लिए सहज और मिलनसार बनाता है। उसकी उपस्थिति से बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों को मानसिक शांति मिलती है और उनके चेहरों पर मुस्कान आ जाती है।
कैरोला वीडेमैन बताती हैं कि पुमुकेल को शुरू से ही लोगों के बीच रहने का शौक रहा है। उसकी दोस्ताना प्रवृत्ति और प्यार पाने की इच्छा उसे थेरेपी के लिए एक आदर्श साथी बनाती है। कई बच्चों और बुजुर्गों ने पुमुकेल के साथ समय बिताते हुए खुद को भावनात्मक रूप से बेहतर महसूस किया है। यही कारण है कि वह सिर्फ एक रिकॉर्ड धारक नहीं, बल्कि लोगों के दिलों की धड़कन भी बन चुका है।

पुमुकेल के शरीर की बनावट सामान्य घोड़ों से काफी छोटी और कॉम्पैक्ट है, लेकिन उसकी ऊर्जा और सक्रियता किसी बड़े घोड़े से कम नहीं। वह खेलना पसंद करता है और अपने आस-पास के लोगों के साथ तुरंत घुल-मिल जाता है। उसकी लोकप्रियता सोशल मीडिया पर भी लगातार बढ़ रही है और दुनिया भर के लोग उससे मिलने की इच्छा जताते हैं।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा पुमुकेल को मान्यता मिलने के बाद जर्मनी में भी उसे विशेष पहचान मिली है। स्थानीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स पर उसकी कहानी वायरल हो रही है। उसकी तस्वीरें और वीडियो कुछ ही घंटों में लाखों लोगों द्वारा देखे जा रहे हैं। पुमुकेल की कहानी इस बात का प्रतीक है कि खास होने के लिए बड़ा होना जरूरी नहीं। उसका छोटा कद ही आज उसकी सबसे बड़ी पहचान बन गया है और वह दुनिया भर में खुशी और सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हुए अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।