मेरठ संवाददाता :- शाहिदीन मलिक
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की मास्टर कॉलोनी में राशन एजेंसी पर ठेकेदारों की दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि राशन लेने आई महिला नेहा वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों पर ठेकेदार अमन और दीपांशु अपने साथियों के साथ हमला कर दिया। हमले में परिवार के कई लोग घायल हुए हैं, जबकि पूनम नामक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। पीड़ित परिवार ने थाना पुलिस को तहरीर देकर आरोपी ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की है।

पीड़ित परिवार के अनुसार, वार्ड-62 निवासी नेहा वर्मा राशन लेने के लिए प्रमोद नाम से पंजीकृत राशन एजेंसी पर पहुंची थीं। यह एजेंसी ठेके पर अमन और दीपांशु नामक युवकों द्वारा चलाई जा रही है। आरोप है कि नेहा ने चार घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद अपनी बारी आने पर राशन लेने की कोशिश की, लेकिन अमन और दीपांशु ने उन्हें बिना कारण बताए राशन देने से इनकार कर दिया। नेहा ने विरोध किया तो दीपांशु ने उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। इस घटना की जानकारी नेहा ने अपने घर आकर परिवार को दी। इसके कुछ देर बाद ही आरोपी अमन और दीपांशु अपने लगभग दर्जनभर साथियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और घर में घुसकर नेहा, उनके पति सुनील, जेठ अनिल और जेठानी पूनम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

परिजन ने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से घायल पूनम को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह राशन एजेंसी ठेके पर ली गई है और एजेंसी के ठेकेदार लगातार मनमानी करते हैं। कार्डधारकों पर जबरन चावल खरीदने का दबाव बनाया जाता है। इस बार भी नेहा वर्मा ने सिर्फ राशन लेने की कोशिश की, लेकिन इसके लिए उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी और हमला सहना पड़ा।

ब्राह्मपुरी थाने में पीड़ित परिवार ने अमन, दीपांशु और उनके साथियों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी ने आश्वासन दिया है कि मामले में जल्द कार्यवाई की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चिंता और आक्रोश बढ़ा दिया है। नागरिकों का कहना है कि राशन एजेंसियों पर इस तरह की मनमानी और ठेकेदारों का दबदबा बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में पुलिस की तत्परता और त्वरित कार्यवाई सुनिश्चित हो।

स्थानीय प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जाएगी। वहीं, राशन वितरण के नियमों का पालन कराने और ठेकेदारों की मनमानी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। इस घटना से एक बार फिर यह सवाल उठता है कि गरीब और आम नागरिकों के लिए राशन वितरण केंद्रों पर कैसे सुरक्षित और व्यवस्थित सेवा सुनिश्चित की जाए।