प्रतापगढ़ में संजीवनी नर्सिंग होम के विरुद्ध आयुष्मान कार्डधारक मरीज से अवैध धन वसूली के आरोपों को लेकर अधिवक्ता का अनिश्चितकालीन धरना 50वें दिन भी जारी रहा!
प्रतापगढ़। संजीवनी नर्सिंग होम, प्रतापगढ़ के संचालक डॉ. एस. एस. गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग में अधिवक्ता का अनिश्चितकालीन धरना 50वें दिन भी जारी रहा!
धरना दे रहे अधिवक्ताओं का आरोप है कि शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और प्रभावशाली नर्सिंग होम संचालक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है!
पिपरी खालसा गांव निवासी रवि कुमार द्विवेदी ने बताया कि उनके पिता देवी प्रसाद द्विवेदी आयुष्मान कार्डधारक हैं और 10 फरवरी 2025 को हार्निया ऑपरेशन के लिए संजीवनी नर्सिंग होम लाए गए थे!
आरोप है कि डॉ. एस. एस. गुप्ता ने “दूसरे डॉक्टर को बुलाने” के नाम पर 15,000 रुपये की अवैध मांग की थी और भुगतान न करने पर जान का भय दिखाया गया!
पीड़ित पक्ष द्वारा जिलाधिकारी प्रतापगढ़ एवं मुख्य चिकित्साधिकारी से शिकायत की गई, लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद भी जांच के नाम पर मामला लटकाया गया और कोई ठोस कार्यवाई नहीं हुई!
रवि कुमार द्विवेदी का आरोप है कि जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में डॉक्टर का बचाव किया और शिकायत की श्रेणी बदलकर पूरे प्रकरण को कमजोर कर दिया गया!

पीड़ित द्वारा जिन अधिकारियों पर फर्जी आख्या लगाने का आरोप है, उनमें उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह, पूर्व क्षेत्राधिकारी नगर शिव नारायण वैश्य, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शबीब हैदर एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए. एन. प्रसाद शामिल हैं!
न्याय न मिलने से आक्रोशित होकर रवि कुमार द्विवेदी ने 19/11/25 से जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था, जो 07/01/2026 को 50वें दिन भी जारी रहा!
धरनास्थल पर मौजूद अधिवक्ताओं ने सवाल उठाया कि यदि आयुष्मान योजना में भी गरीबों को न्याय नहीं मिलेगा तो आम जनता का क्या होगा और भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार पर रोक का दावा कहां गया!
धरनारत अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो यह मुद्दा 2027 विधानसभा चुनाव में जनता स्वयं तय करेगी!
धरने के समर्थन में वरिष्ठ व कनिष्ठ अधिवक्ताओं सहित सैकड़ों वकील मौजूद रहे और न्याय की मांग दोहराई गई!
प्रतापगढ़ से न्यूज़ टाइम नेशन के लिए दयाशंकर पाण्डेय की रिपोर्ट!