वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर जेसीबी से प्राचीन मंदिर और महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़े जाने पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कड़ा विरोध जताया।
“मंदिरों पर मशीनें चढ़ाना लापरवाही नहीं, अपराध है!”—यह सख्त शब्द पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन के हैं, जिन्होंने काशी के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को जेसीबी से तोड़े जाने के मामले में अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है!
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर जेसीबी मशीन से ऐतिहासिक मंदिरों और पौराणिक धरोहरों को ढहाए जाने की तस्वीरों ने मालवा (इंदौर) से लेकर बनारस तक गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है!
इस दौरान महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने की खबर ने जनभावनाओं को और अधिक आहत किया है!

इस संवेदनशील मुद्दे पर सुमित्रा महाजन ने दो टूक कहा कि विकास के नाम पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की बलि किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती है!
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर, घाट और पौराणिक स्थल केवल ईंट-पत्थर नहीं होते, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति की आत्मा होते हैं!
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है और प्रशासनिक स्तर पर की गई कार्यवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं!
जनता और सामाजिक संगठनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके!