माघ मेला प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए कथित अपमान के विरोध में यूथ कांग्रेस अमेठी ने मार्च निकालकर राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
अमेठी संवाददाता – मोहम्मद तौफीक
अमेठी। प्रयागराज में आयोजित माघ मेला के दौरान सनातन धर्म के शीर्ष आध्यात्मिक गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ हुए कथित अपमान, अन्याय, स्नान से रोके जाने एवं साधु-संतों की चोटी खींचने जैसी घटनाओं के विरोध में यूथ कांग्रेस अमेठी ने नगर में विरोध मार्च निकाला। इस दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उप-जिलाधिकारी अमेठी को माननीय राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

इस मौके पर यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष शुभम सिंह ने कहा कि माघ मेला जैसे पवित्र और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में एक शंकराचार्य के साथ इस तरह का व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और यह प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। साधु-संतों के साथ अभद्रता और धार्मिक परंपराओं का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि स्वयं को हिंदुत्व का पक्षधर बताने वाली भाजपा सरकार के शासन में आज साधु-संत भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाए तथा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं समस्त हिंदू समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की जाए।
यूथ कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कठोर कार्यवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा।