
खोस्टी ने कहा कि कंपनी तैयार किये गये गांजे का इस्तेमाल चिकित्सकीय उद्देश्य से करेगी और गांजे के लिए हजारों एकड़ भी उपबल्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गांजे का उत्पादन और उसके संरक्षण को लेकर Cpharm से कानूनी डील होगी। हालांकि, इधर Cpharm ने तालिबान के साथ गांजे को लेकर कोई करार नहीं हुआ है। कंपनी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर इसमें अपनी संलिप्ता से इनकार कर दिया है।
Cpharma की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है, ‘हमें मीडिया से जानकारी मिली है कि हमारी कंपनी तालिबान के साथ गांजे को एक क्रीम में इस्तेमाल करने की किसी तरह की डील में शामिल है। हमसे दुनिया कि कई मीडिया संस्थानों ने इस संबंध में संपर्क किया है।’ कंपनी की तरफ से आगे कहा गया है कि वो ना तो कोई चीज बनाएंगे और ना ही किसी चीज की सप्लाई करेंगे।