अमेठी जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में IGRS समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, जनसुनवाई और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए गए।
अमेठी संवाददाता – मोहम्मद तौफीक
अमेठी।
जनपद में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में आईजीआरएस (एकीकृत जनशिकायत निवारण प्रणाली) की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार प्राप्त शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक प्रत्येक दशा में जनसुनवाई आयोजित करें तथा प्राप्त शिकायतों का विधिवत अनुश्रवण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सप्ताह के भीतर प्राप्त एवं निस्तारित शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी प्रकरण में असंतुष्ट फीडबैक अथवा ‘सी’ श्रेणी की फीडबैक प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से सीधे संवाद कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्राथमिकता होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। यदि किसी कारणवश कार्य में बाधा उत्पन्न होती है, तो तत्काल अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए समस्या का समाधान किया जाए।
भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी शिकायत प्राप्त होते ही त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के दबाव में आकर न तो कार्य किया जाए और न ही भ्रामक अथवा तथ्यहीन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण ही सुशासन की पहचान है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।