अमेठी में जिलाधिकारी के निर्देश पर “ऑपरेशन रक्षा” अभियान के तहत बाल श्रम और बाल दुर्व्यापार के खिलाफ सख्ती की गई। संयुक्त टीम ने इन्हौना कस्बे व स्पा सेंटरों पर छापेमारी कर चेतावनी जारी की।
न्यूज़ कंटेंट (Paragraph में):
अमेठी संवाददाता – मोहम्मद तौफीक
अमेठी। शासन के निर्देशानुसार जनपद में बच्चों के दुर्व्यापार एवं बाल श्रम से संबंधित अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से “ऑपरेशन रक्षा” अभियान 16 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में 21 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देश पर उपजिलाधिकारी एवं प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी सात्विक श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की गई।

इस अभियान के तहत पुलिस विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) तथा मानव तस्करी रोधक इकाई (एएचटीयू) की संयुक्त टीम ने इन्हौना कस्बा एवं प्रमुख चौराहों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री कृष्ण जलपान गृह, सोनू जायसवाल किराना स्टोर तथा ट्रैक्टर एवं मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकानों पर कार्यरत बच्चों की जांच की गई। उपलब्ध जन्मतिथि संबंधी अभिलेखों के आधार पर सोनू जायसवाल किराना स्टोर एवं श्री कृष्ण जलपान गृह में कार्यरत बच्चे नाबालिग पाए गए।

इसके पश्चात संबंधित बच्चों के पिता से लिखित आश्वासन लिया गया कि भविष्य में वे अपने बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम नहीं कराएंगे। वहीं, प्रतिष्ठान संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में बाल श्रम न कराने की सख्त हिदायत दी गई। इसके अतिरिक्त संयुक्त टीम द्वारा थाना गौरीगंज क्षेत्र में संचालित स्पा सेंटरों पर भी छापेमारी की गई, जहां किसी भी स्पा सेंटर में नाबालिग बालक या बालिका कार्यरत नहीं पाए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों से कार्य कराना कानूनन अपराध है और भविष्य में यदि कहीं भी बाल श्रम पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत कठोर कार्यवाई की जाएगी। इस अभियान में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य, संबंधित थाना पुलिस, मानव तस्करी रोधक इकाई (एएचटीयू) अमेठी तथा चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) की टीम मौजूद रही।