प्रयागराज के मऊआइमा नगर पंचायत क्षेत्र में तालाबों पर वर्षों से अतिक्रमण का आरोप, नाप नहीं होने से प्रशासन पर सवाल, स्थानीय लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग!
प्रयागराज!
जनपद प्रयागराज की मऊआइमा नगर पंचायत, जिसे क्षेत्र का सबसे बड़ा कस्बा माना जाता है, वहां तालाबों पर अतिक्रमण को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं!
स्थानीय लोगों का कहना है कि देश आज़ाद होने के बाद से ही कस्बे के कई तालाबों पर कब्जा किया गया है और समय के साथ इन तालाबों पर पक्के मकान तक बन गए हैं! इसके बावजूद आज तक तालाबों की विधिवत नाप और सीमांकन की कार्रवाई नहीं की गई!

आरोप है कि मऊआइमा नगर पंचायत क्षेत्र में तालाबों पर अतिक्रमण करने वाले लोग आर्थिक रूप से काफी मजबूत हैं, जिस कारण प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है! लोगों ने सवाल उठाया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में भी यदि तालाबों की नाप नहीं हो पा रही है, तो फिर जिम्मेदारी किसकी है!
स्थानीय नागरिकों के अनुसार सोरांव एसडीएम कार्यालय की ओर से आज तक तालाबों की नाप नहीं कराई गई! यहां तक कि नगर पंचायत मऊआइमा के अधिशासी अधिकारी (EO) द्वारा दिए गए आवेदन पत्रों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई!
ग्रामीणों और कस्बेवासियों ने जिलाधिकारी प्रयागराज से मांग की है कि मऊआइमा नगर पंचायत क्षेत्र के सभी तालाबों की जल्द से जल्द नाप कराकर अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों को बचाया जा सके!
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेता है या तालाबों पर अतिक्रमण का यह खेल यूं ही चलता रहेगा!
प्रतापगढ़ से न्यूज़ टाइम नेशन के लिए दयाशंकर पाण्डेय की रिपोर्ट!