मेरठ संवाददाता :- शाहिदीन मलिक
मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के बड़कली गांव में दो साल से कम उम्र की बच्ची नायरा की मकान में आग लगने से झुलसकर मौत हो गई। घटना के बाद परिवार ने बिना पुलिस को सूचना दिए बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी।

बड़कली गांव निवासी रजनीश मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में दो बेटे करण ,अर्जुन और दो साल से कम उम्र की बच्ची नायरा शामिल थी। घटना वाले दिन देर रात रजनीश अपनी पत्नी रानी और दोनों बेटों के साथ गांव में शादी समारोह में गया था और नायरा को घर में सुलाकर छोड़ गया था। बताया जा रहा है कि घर में जलती हुई मोमबत्ती गिर गई और पास रखे सामान में आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने बच्ची के बिस्तर को भी घेर लिया, जिस पर वह सो रही थी। इसके परिणामस्वरूप बच्ची झुलस गई और उसकी मौत हो गई। रात में परिवार जब घर लौटा, तब आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक नायरा की जान नहीं बचाई जा सकी।

परिजनों का कहना है कि बच्ची के माता-पिता मूकबधिर हैं। वहीं, परिवार के घर का बिजली का कनेक्शन बिल न भरने के कारण काट दिया गया था। इसलिए परिवार रात में मोमबत्ती जलाकर समय बिताता था। इस दुखद हादसे ने परिवार पर दुःखों का पहाड़ तोड़ दिया।

मृतक बच्ची के परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर अधिकारियों ने कहा कि मामले की सत्यापन और जांच की जाएगी। परिवार और गांव के लोगों में इस दुखद हादसे से मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि ऐसे घटनाओं से बचने के लिए गांव में सुरक्षा उपायों और जागरूकता की आवश्यकता है, विशेषकर उन परिवारों के लिए जिनके घरों में बिजली नहीं है और मोमबत्ती या अन्य खुले स्रोतों का उपयोग करते हैं।