मेरठ में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष विनीत अग्रवाल शारदा के मुस्लिम समाज को लेकर दिए गए बयान का वीडियो वायरल। बयान पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया।
मेरठ संवाददाता – शाहिद मंसूरी
मेरठ। एक समय “कमल…कमल…” जैसे संवादों से चर्चा में आए व्यापारी नेता और भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल शारदा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका बयान सीधे तौर पर मुस्लिम समाज और मुस्लिम व्यापारियों को लेकर है, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी बहस शुरू हो गई है।
शुक्रवार को किशनपुरा क्षेत्र में व्यापारियों के धरने के दौरान मंच से संबोधित करते हुए विनीत अग्रवाल शारदा ने मुस्लिम समाज को निशाना बनाते हुए कहा कि वह मुस्लिमों को अपना व्यापारी नहीं मानते। उन्होंने याकूब कुरैशी सहित अन्य मुस्लिम नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि अब किसी की हिम्मत नहीं है कि वह यूपी में कानून को हाथ में ले सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान में मेरठ में कोई भी व्यक्ति उनकी “मां-बहनों” पर आंख उठाकर नहीं देख सकता और इसे उन्होंने मोदी व योगी सरकार की सख्ती से जोड़ा।
विनीत शारदा ने अपने संबोधन में खुद को सनातन धर्म का अनुयायी बताते हुए कहा कि मंच पर मुस्लिम समाज का कोई व्यक्ति मौजूद हो तो भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने मुस्लिम समाज द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण का भी जिक्र किया और व्यापारियों से पहले खुद को संगठित करने की बात कही।
उनका यह डेढ़ से दो मिनट का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बयान के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस तरह की टिप्पणियां व्यापारियों के बीच एकता को कमजोर कर रही हैं। एक ओर भाजपा सरकार मुस्लिम समाज के बीच पहुंच बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पार्टी से जुड़े नेता के इस बयान को लेकर विरोधाभास भी सामने आ रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के बाद भाजपा संगठन और शीर्ष नेतृत्व विनीत अग्रवाल शारदा के बयान पर क्या रुख अपनाता है और क्या कोई कार्यवाई होती है।