09 मई 2026

झांसी में करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़, सिपाही फरार और भाजपा नेता पर उठे सवाल

लेखक न्यूज़ डेस्क · 9 मई 2026, 12:46

झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित रॉयल सिटी कॉलोनी में ऑनलाइन सट्टे और हाईटेक जुए के बड़े सिंडिकेट का खुलासा होने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। पुलिस की देर रात हुई इस कार्रवाई ने न सिर्फ अपराध जगत बल्कि पुलिस विभाग और राजनीतिक गलियारों में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में करोड़ों रुपये के लेन-देन, पुलिस संरक्षण और भाजपा नेता के नाम के सामने आने से मामला और अधिक गंभीर हो गया है।

जानकारी के अनुसार पुलिस को लंबे समय से रॉयल सिटी कॉलोनी में ऑनलाइन सट्टे और क्रिकेट बेटिंग के बड़े नेटवर्क के संचालन की सूचना मिल रही थी। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से दो युवतियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक सिपाही समेत तीन आरोपी फरार हो गए। गिरफ्तार युवतियों की पहचान निशा और यशस्वी के रूप में हुई है। वहीं फरार आरोपियों में सिपाही रजत, सुमित साहू और प्रभात अग्रवाल का नाम शामिल है।

पुलिस को छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी और कीमती सामान बरामद हुआ। अधिकारियों के मुताबिक मौके से एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत के सोने के बिस्किट, लगभग 11 लाख रुपये के चांदी के जेवरात और 18 लाख 92 हजार 300 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक लैपटॉप और 12 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें ऑनलाइन सट्टेबाजी और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े अहम सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग और क्रिकेट सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। जांच एजेंसियों को युवतियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन के प्रमाण मिले हैं। पुलिस अब इन खातों के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन शहरों और राज्यों तक फैला हुआ था।

इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा फरार सिपाही रजत को लेकर हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उस पर आरोप है कि वह इस सिंडिकेट को पुलिस कार्रवाई की गोपनीय जानकारी देता था और उन्हें संरक्षण प्रदान करता था। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।

वहीं इस पूरे मामले में भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। हालांकि अभी तक उनके खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं राजनीतिक संरक्षण के चलते यह नेटवर्क लंबे समय से संचालित तो नहीं हो रहा था।

झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम, आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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