उन्नाव जिले में बिजली विभाग के TG2 कर्मचारी आशीष विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुरुआत में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का दावा है कि आशीष की मौत सामान्य हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का नतीजा है। इस मामले को लेकर पावर हाउस के बाहर जमकर प्रदर्शन हुआ और इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक आशीष विश्वकर्मा बिजली विभाग में TG2 पद पर तैनात थे। घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में तेज आंधी और तूफान के कारण बिजली व्यवस्था बाधित हो गई थी। विभागीय कर्मचारी बिजली सप्लाई बहाल करने में जुटे हुए थे। इसी दौरान आशीष विश्वकर्मा की नहर में डूबने से मौत हो गई। प्रारंभिक स्तर पर इसे दुर्घटना बताया गया था, लेकिन मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई।
मृतक के परिवार का आरोप है कि आशीष की हत्या उसके ही सहकर्मी ने की और बाद में शव को नहर में फेंक दिया गया ताकि घटना हादसा लगे। परिजनों का कहना है कि कई परिस्थितियां इस घटना को संदिग्ध बनाती हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। गुस्साए लोगों ने शव को लेकर पावर हाउस के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर शव रखकर बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी मांग थी कि आरोपी सहकर्मी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। कई घंटों तक चले हंगामे के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और परिजनों के आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भी भय और नाराजगी का माहौल है। कर्मचारी संगठन भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सही कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है।
उन्नाव में सामने आया यह मामला अब सिर्फ एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।