उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। यहां एक युवक ने अपनी मौत का इंतजार करने के बजाय जीते जी खुद की तेरहवीं करा डाली। इतना ही नहीं, युवक ने गांव वालों को बाकायदा तेरहवीं भोज भी कराया और अपनी तस्वीर पर फूल-माला चढ़वाकर श्रद्धांजलि तक दिलवाई। इस घटना के बाद गांव में हैरानी और चर्चा दोनों का माहौल बना हुआ है।
यह मामला उन्नाव जिले के फतेहपुर 84 थाना क्षेत्र के पीथनहार गांव का है। गांव के रहने वाले युवक ने पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अपनी तेरहवीं का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। युवक की तस्वीर को सजाकर रखा गया, उस पर मालाएं चढ़ाई गईं और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इतना ही नहीं, गांव के लोगों को भोजन भी कराया गया, जैसा आमतौर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद होने वाली तेरहवीं में किया जाता है।
जानकारी के अनुसार युवक लंबे समय से मानसिक तनाव और पारिवारिक उपेक्षा से परेशान था। युवक का कहना है कि उसे यह डर सताने लगा था कि उसकी मौत के बाद परिवार वाले उसका अंतिम संस्कार और तेरहवीं सही तरीके से नहीं करेंगे। इसी वजह से उसने जीते जी अपनी तेरहवीं करने का फैसला लिया। युवक ने दावा किया कि उसने यह कदम समाज को संदेश देने और अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए उठाया है।
तेरहवीं के आयोजन की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग इसे देखने के लिए पहुंचने लगे। कुछ लोगों ने इस घटना को अंधविश्वास और सनक बताया, जबकि कई ग्रामीणों ने युवक की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई। हालांकि युवक ने साफ कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ है और उसने यह आयोजन अपनी मर्जी से किया है।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक परंपराओं का पालन भी किया गया। गांव के बुजुर्गों और ग्रामीणों ने युवक की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और उसके लंबे जीवन की कामना भी की। वहीं भोज में शामिल लोगों ने इस अनोखी घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने इसे समाज और परिवार के लिए संदेश बताया, तो किसी ने इसे मानसिक तनाव का परिणाम कहा।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। तेरहवीं समारोह की तस्वीरें और वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग युवक की हिम्मत की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे समाज में बढ़ती अकेलेपन और उपेक्षा की भावना से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल फतेहपुर 84 थाना पुलिस का कहना है कि मामले में किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है। पुलिस के अनुसार यह सामाजिक और व्यक्तिगत स्तर का मामला है, इसलिए फिलहाल किसी कानूनी कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी गई है।
उन्नाव की यह अनोखी घटना अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। जीते जी अपनी तेरहवीं कराने वाले इस युवक ने लोगों को हैरान जरूर किया है, लेकिन साथ ही समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।