रिपोर्ट :- खुशबू मिश्रा
उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क हादसों में घायल लोगों की जान बचाने के लिए एक सराहनीय और जनहितकारी कदम उठाया है। राज्य में अब ऐसे नागरिक, जो किसी दुर्घटना पीड़ित को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर अस्पताल पहुंचाते हैं, उन्हें ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। ‘गुड सेमेरिटन’ योजना का उद्देश्य लोगों को बिना किसी डर, झिझक या कानूनी परेशानी के जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह योजना न केवल जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम है, बल्कि सड़क सुरक्षा और मानवता के मूल्यों को भी बढ़ावा देती है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई गुड सेमेरिटन योजना समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सड़क दुर्घटनाएँ देश में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं, और अक्सर समय पर सहायता न मिलने के कारण कई लोगों की जान चली जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटना के बाद पहला घंटा—जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है—सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से मृत्युदर में भारी कमी आ सकती है।

यही कारण है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया कि यदि कोई नागरिक गंभीर रूप से घायल दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल तक पहुँचाने में मदद करता है, तो उसे ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। यह आर्थिक सहयोग केवल इनाम नहीं, बल्कि लोगों को मदद के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देने का माध्यम है।
लोगों को क्यों चाहिए यह प्रोत्साहन?
अक्सर दुर्घटनाओं के समय लोग मदद करने से इसलिए हिचकिचाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि पुलिस पूछताछ, कोर्ट-कचहरी या कानूनी झंझटों का सामना करना पड़ेगा। कई मामलों में गवाह बनने का डर भी लोगों को पीछे हटने पर मजबूर कर देता है।

सरकार ने इसे गंभीरता से समझते हुए यह स्पष्ट किया है कि गुड सेमेरिटन को किसी भी प्रकार की कानूनी, प्रशासनिक या प्रक्रियात्मक परेशानी नहीं होगी।
उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी, और उन्हें किसी जबरन बयान या जांच का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।
योजना कैसे बदलेगी स्थिति?
यह योजना सड़क दुर्घटनाओं के प्रति लोगों के नजरिये को बदलने और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ाने का प्रयास है।
कुछ बड़े बदलाव इस प्रकार हो सकते हैं:
- समय पर अस्पताल पहुँचने से अधिक जीवन बचेंगे।
- लोगों में मदद करने की आदत और जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।
- सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता में वृद्धि होगी।
- दुर्घटना स्थल पर भीड़ खड़ी रहने की बजाय लोग सक्रिय सहायता करेंगे।
सरकार का मानना है कि यदि अधिक लोग आगे आकर केवल 10–15 मिनट की मदद करते हैं, तो हजारों जानें बचाई जा सकती हैं।

गुड सेमेरिटन की सुरक्षा—योजना की सबसे खास विशेषता
यह योजना न केवल आर्थिक पुरस्कार देती है, बल्कि गुड सेमेरिटन की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
- उन पर पुलिस दबाव नहीं बनाया जा सकता।
- उन्हें चिकित्सा संस्थानों या ट्रैफिक पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा।
- यदि वे चाहें तो अपनी पहचान पंजीकृत करा सकते हैं, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।
यह सुरक्षा प्रावधान लोगों में भरोसा पैदा करेगा कि मदद करना किसी मुश्किल का कारण नहीं बनेगा।

मानवता और करुणा की ओर एक कदम
सड़क दुर्घटनाएँ केवल संख्या नहीं होतीं, बल्कि किसी परिवार की आशाओं, सपनों और भावनाओं से जुड़ी होती हैं। सरकार का यह कदम मानवता को प्राथमिकता देने और समाज में संवेदनशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।जब समाज का हर नागरिक किसी जरूरतमंद की मदद के लिए हाथ बढ़ाएगा, तब ही वास्तविक परिवर्तन संभव होगा। यह योजना जन-भागीदारी को मजबूत बनाती है और दिखाती है कि शासन के साथ-साथ समाज भी मिलकर बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकता है।