उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। आटा थाना क्षेत्र के अकबरपुर इटौरा गांव में चार साल की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में उसकी मां पर ही हत्या का आरोप लगा है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर एक मां अपनी ही बेटी की जान कैसे ले सकती है।
जानकारी के अनुसार घटना जालौन जिले के अकबरपुर इटौरा गांव की है। यहां रहने वाले राजकुमार और उनकी पत्नी विनीता के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। परिवार के लोगों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच काफी देर तक कहासुनी होती रही। आरोप है कि इसी विवाद के बाद गुस्से में आई महिला ने अपनी चार वर्षीय बेटी नैना का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने जब बच्ची को देखा तो वह बेसुध पड़ी हुई थी। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम बच्ची की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई।
सूचना मिलते ही आटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के साथ फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
मृत बच्ची के पिता राजकुमार ने अपनी पत्नी विनीता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घरेलू विवाद के चलते उनकी पत्नी ने गुस्से में आकर बेटी की जान ले ली। पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में अक्सर विवाद होते रहते थे, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि मामला इतना गंभीर रूप ले लेगा। गांव में लोग इस घटना को लेकर बेहद दुखी और स्तब्ध हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू तनाव और मानसिक दबाव कई बार परिवारों में गंभीर घटनाओं की वजह बन जाते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते परिवार और समाज को संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप करने की जरूरत होती है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि घरेलू विवादों का असर सबसे ज्यादा मासूम बच्चों पर पड़ता है, जिनकी जिंदगी बिना किसी गलती के खत्म हो जाती है।