उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। कई दिनों से अपनी फसल की तौल का इंतजार कर रहे किसानों ने आखिरकार मंडी गेट पर ट्रैक्टर खड़े कर चक्का जाम कर दिया। यह मामला कोंच कोतवाली क्षेत्र स्थित नवीन गल्ला मंडी का है, जहां आरएफसी क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद ठप होने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
किसानों का आरोप है कि खरीद केंद्र पर वारदाना खत्म होने की बात कहकर गेहूं की तौल रोक दी गई है। इससे सैकड़ों किसान अपनी ट्रॉलियों में गेहूं लेकर कई दिनों से मंडी परिसर में डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि वे पिछले चार दिनों से लाइन में लगे हैं, लेकिन उनकी फसल की खरीद नहीं हो रही। तेज गर्मी और अव्यवस्था के बीच मंडी में इंतजार कर रहे किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आक्रोशित किसानों ने विरोध जताने के लिए मंडी गेट पर अपने ट्रैक्टर खड़े कर दिए, जिससे कोंच-नदीगांव रोड पर लंबा जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
सूचना मिलने पर कोंच कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को जल्द तौल शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद काफी देर बातचीत के बाद किसानों ने जाम समाप्त किया।
प्रदर्शन कर रहे किसान नीरज पटेल और विष्णु प्रताप सिंह ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान अपनी फसल बेचने के लिए परेशान हो रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द खरीद प्रक्रिया सुचारु नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि मंडियों में पर्याप्त वारदाना और संसाधनों की व्यवस्था पहले से होनी चाहिए थी। हर साल गेहूं खरीद के दौरान ऐसी समस्याएं सामने आती हैं, लेकिन प्रशासन समय रहते कोई ठोस तैयारी नहीं करता। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी में अव्यवस्था की वजह से किसानों के साथ-साथ आम जनता को भी परेशानी हो रही है। सड़क जाम होने से यातायात प्रभावित हुआ और कई लोग घंटों तक फंसे रहे।
फिलहाल प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में बताकर जल्द गेहूं खरीद शुरू कराने की बात कह रहा है। लेकिन किसानों का सवाल है कि आखिर उन्हें अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है।
जालौन की नवीन गल्ला मंडी में हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर सरकारी खरीद व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाल पाता है या फिर अन्नदाता को आगे भी इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।