रामपुर में नकली नोटों के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम टीम और थाना टांडा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 75 हजार रुपये की जाली करेंसी बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। बरामद नकली नोटों और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, रामपुर पुलिस को पिछले काफी समय से क्षेत्र में नकली नोटों के चलन की शिकायतें मिल रही थीं। कई दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि बाजार में संदिग्ध नोट चलाए जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रामपुर सोमेन्द्र मीणा के निर्देशन में साइबर क्राइम टीम और थाना टांडा पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बरामद जाली करेंसी की कुल कीमत करीब 75 हजार रुपये बताई जा रही है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाहिद पुत्र चिद्दा निवासी टांडा और हुसैन पुत्र अमीर निवासी मुरादाबाद के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वाहिद पर पहले से 23 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। वहीं दूसरे आरोपी हुसैन पर भी पांच आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास सामने आने के बाद पुलिस इस गिरोह के पुराने रिकॉर्ड और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। एसपी ने कहा कि शुरुआती जांच में यह मामला बड़े नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जाली नोट कहां छापे जा रहे थे और इन्हें किन-किन जिलों में सप्लाई किया जा रहा था।
साइबर क्राइम टीम आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार दूसरे जिलों और राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
एसपी सोमेन्द्र मीणा ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को बाजार में संदिग्ध नोट दिखाई दें तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि नकली करेंसी का कारोबार देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों दोनों के लिए बड़ा खतरा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।